22 June 2020

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फर्जी आधार कार्ड लगाने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फर्जी आधार कार्ड लगाने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं।


सत्यापन के लिए अब केवल आधार कार्ड देखा ही नहीं जाएगा बल्कि मौके पर यूीआईडीएआई की वेबसाइट के इसका मिलान भी किया जाएगा। इससे मौके पर ही फर्जी आधार की पकड़ हो सकेगी। 26 जून तक अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन के साथ यह जांच भी पूरी की जानी है।

इसके लिए खण्ड शिक्षा अधिकारियों को कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए रोस्टर बनाएंगे और फिर एक समय में 5 से ज्यादा शिक्षकों को नहीं बुलाया जाएगा। इस संबंध में पूरी प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए वेबसाइट पर जाकर अधिकारियों को मॉस्क्ड आधार का विकल्प चुनना होगा और फिर फोन पर आए ओटीपी के आधार कार्ड डाउनलोड होगा। मास्क्ड आधार में आखिरी चार संख्याएं ही दिखती हैं, पहली आठ संख्याएं इसमें गायब रहती हैं। इसका इस्तेमाल केवाईसी (नो योर कस्टमर) में किया जाता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके। ओटीपी शिक्षक के फोन पर ही आएगा इसलिए मौके पर शिक्षक को वही फोन नंबर लेकर आना होगा जिससे आधार पंजीकृत किया गया था। हालांकि केजीबीवी में 2010 में ही आधार व पैन कार्ड का ब्यौरा लिया गया था लेकिन सत्यापन में लापरवाही के कारण 100 फीसदी सही ब्यौरे विभाग के पास नहीं है।

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