#72825 Update
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बिग अपडेट — सुनवाई का समग्र सार
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आज की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि विभाग स्वयं निर्णय लेने में कठिनाई महसूस कर रहा है, तो न्यायालय समाधान निकालने में सहयोग करने को तैयार है। साथ ही यह भी कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों के पास डीएलएड डिग्री नहीं है, उनके संबंध में समय देने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है और अनावश्यक आपत्तियों से बचना चाहिए।
सरकारी पक्ष की दलीलों पर न्यायालय ने संतोष नहीं जताया और कहा कि प्रस्तुत तर्क पर्याप्त आधार वाले नहीं हैं। अदालत ने सचिव महोदय से पूछा कि क्या इस मामले का कोई सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है। न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि विभाग के पास पर्याप्त रिक्त पद उपलब्ध हैं और योग्य अभ्यर्थी भी मौजूद हैं, इसलिए इच्छाशक्ति हो तो नियुक्ति दी जा सकती है, जिससे विभाग की सकारात्मक छवि (गुडविल) भी बनेगी।
अदालत ने विभाग को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है—यदि उचित निर्णय लिया जाता है तो न्यायालय विभाग को भी संरक्षण देगा। साथ ही सुझाव दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पदों का प्रबंधन भी किया जा सकता है। नियुक्ति प्रक्रिया को नए सिरे से (फ्रेश अपॉइंटमेंट) करने का विकल्प भी बताया गया, जिसमें पूर्व वरिष्ठता लागू नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान लाइव प्रसारण बंद कर दिया गया। अंत में न्यायालय ने ACS को निर्देश दिया कि वे इस विषय पर उच्च स्तर पर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से विचार-विमर्श कर जल्द निर्णय लें।
सुनवाई समाप्त।
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_______अरशद

