22 June 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि आरोपियों को किसी सफेदपोश ने तो शरण नहीं दी है?

69000 SHIKSHAK BHARTI फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि आरोपियों को किसी सफेदपोश ने तो शरण नहीं दी है?


69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या स्कूल प्रबंधक समेत अन्य आरोपियों को किसी सफेदपोश ने तो शरण नहीं दी है? क्योंकि इनकी गिरफ्तारी में लगी एसटीएफ को भी अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

शिक्षक भर्ती के आरोपी राजनीति से भी जुड़े हैं। जेल भेजा गया आरोपी डॉ कृष्ण लाल पटेल जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। वहीं फरार आरोपी स्कूल प्रबंधक चंद्रपाल यादव ने भी गिरफ्तारी से पहले तक अपने पोस्टर शहर में चस्पा किए थे। जमानत पर छूटने के बाद ही चंद्रमा यादव की सहायक शिक्षक भर्ती में तलाश शुरू हो गई। भदोही का मायापति दुबे पहले से ही फरार है। सभी के मोबाइल नंबर एसटीएफ के पास मौजूद हैं, सर्विलांस से उनकी लोकेशन ली गई लेकिन कहीं से भी कोई क्लू नहीं मिला। अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि आरोपियों ने ऐसी जगहों पर शरण ली है जहां तक पुलिस और एसटीएफ की पहुंच नहीं है। यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि किसने उन्हें शरण दी है। एसटीएफ कोर्ट के आदेश पर फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

69000 SHIKSHAK BHARTI फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि आरोपियों को किसी सफेदपोश ने तो शरण नहीं दी है? Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news