20 June 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI के संदिग्ध टॉपरों को ट्रेस करने में जुटी एसटीएफ, कई जिलों के रहने वाले हैं अभ्यर्थी, गिरोह के सदस्यों की भी तलाश

69000 SHIKSHAK BHARTI के संदिग्ध टॉपरों को ट्रेस करने में जुटी एसटीएफ, कई जिलों के रहने वाले हैं अभ्यर्थी, गिरोह के सदस्यों की भी तलाश

प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा की जांच में जुटी स्पेशल टॉस्क फोर्स अब संदिग्ध टॉपरों को भी ट्रेस करने में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि कथित टॉपर कहां-कहां के रहने वाले हैं और उन्होंने किस परीक्षा केंद्र में बैठकर लिखित परीक्षा दी थी। इस तथ्य की भी तफ्तीश की जा रही है कि मोस्टवांडेट स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव और फर्जीवाड़ा गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल के संपर्क में कितने अभ्यर्थी थे। अब तक छानबीन में एसटीएफ के हाथ कुछ सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कुछ दिन पहले कतिपय छात्र व अभ्यर्थी एसटीएफ को अलग-अलग माध्यम से कई शिकायतें दी थीं, जिसमें लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों के नाम व अंक बताए गए हैं। यह भी कहा गया है सहायक शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा 150 नंबर की हुई थी, लेकिन कई अभ्यर्थी गिरोह की मदद से फर्जीवाड़ा कर 120 से ज्यादा नंबर हासिल कर लिए। इसी आधार पर संदिग्ध टॉपरों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि डॉ. केएल पटेल के गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला है। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि फर्जीवाड़ा करके परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी भी कई जिलों के हैं। लिहाजा उनके बारे में छानबीन की जा रही है। इसके साथ ही एसटीएफ की एक टीम मामले में फरार अभियुक्त चंद्रमा यादव, भदोही के मायापति दुबे, प्रतापगढ़ के दुर्गेश पटेल व संदीप की तलाश कर रही है। कहा जा रह है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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