अब कक्षा एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी ही परीक्षा से नहीं गुजरेंगे, बल्कि निगरानी करने वाले अफसर भी अग्निपरीक्षा से गुजरेंगे इनका मूल्यांकन कर अंक दिए जाएंगे।
अफसरों का मूल्यांकन थोड़ा कठिन होगा। बच्चे तो 50 फीसद से कम अंकों पर सेकेंड डिवीजन पास होते हैं, अफसर 50 फीसद से कम अंकों पर फेल माने जाएंगे। बीएसए व ब्लाक एजुकेशन आफिसर (बीईओ) के लिए कामकाज का पैमाना तय किया गया है। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन व अन्य कार्यों के आधार पर उनको अंक दिए जाएंगे। कायाकल्प के तहत स्कूलों को संवारना हो, निरीक्षण, नामांकन या शिक्षकों से संबंधित कार्य हों, हर गतिविधि के अंक तय किए गए हैं।

