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20 August 2021

एक अकेली जान और बेशुमार काम, हेडमास्टर की एक अकेली जान के पीछे पूरा विभाग टूट पड़ा है, शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी हुई प्रभावित

 एक अकेली जान और बेशुमार काम, हेडमास्टर की एक अकेली जान के पीछे पूरा विभाग टूट पड़ा है, शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी हुई प्रभावित


स्वास्थ्य दिक्स को ओर से टीकाकरण, बच्चे आएं तो आखिरी शनिवार को जन्मदिन, शासन के शैक्षिक कैलेंडर का पालन, हैंडवाश डे, विभागड्ढारा दिए गए प्रश्नों को चाद कराना, अभिभावक से संपर्क और बातचीत कर सूचना अपलोड करना, कोरोना काल में निःशुल्क प्रेरणा साथी तलाशना, मोहल्ला क्लास चलाना, शिक्षक के पास चपरासी, क्लर्क, ठेकेदार समेत कई के काम, स्कूलों की सफाई कराना, कायाकल्प के तहत काम की रिपोर्ट, छात्रवृत्ति के फार्म भराना, एमडीएम ऑनलाइन कराना, छात्रों की खाता। पहले शिक्षकों के फोन नंबर तक बच्चों की पहुंच बहुत कम होती थी, जो भी बात करनी हो वो स्कूल मे होगी, लेकिन अब व्हाट्सएप युप के माध्यम से नंबर स्टूडेंट्स के साथ-साथ उनके भाई- बहनों तक पहुंच गए हैं। शिक्षक- है शिक्षिकाओं को दिन-रात फोन आते हैं 

 


और अक्सर बों के भाई. बहन गुड ऑर्निंग-गुड नाइट मैसेज भी भेजते है। संख्या और डिटेल लेकर बैंक में चेक लगाना, कन्वर्जन कास्ट बच्चों के खाते में पहुंचे, 10 रजिस्टर तैयार करना, ड्रेस वितरण कराना, 'एसएमसी की बैठक कराना, 'एसएमसी के खाते का प्रबंधन, मिड डे मील के खाते का प्रबंधन, बीएलओ ड्यूटी मे प्रतिभाग करना, चुनाव ड्यूटी करना, संकुल की और बीआरसी की मासिक मीटिंग में भाग लेना तथा विद्यालय की रंगाई पुताई कराने समेत दर्जनों अन्य कार्य भी शिक्षकों के जिम्मे रहते हैं।

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