19 September 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI के अभ्यर्थियों ने संविदा नियमावली के खिलाफ सौंपा ज्ञापन, चयनितों की उम्मीदों पर कुठाराघात है यह नियमावली

69000 SHIKSHAK BHARTI के अभ्यर्थियों ने संविदा नियमावली के खिलाफ सौंपा ज्ञापन, चयनितों की उम्मीदों पर कुठाराघात है यह नियमावली


बलिया : संविदा नियमावली के विरोध में अभी भी स्वर धीमा होते नहीं दिख रहे हैं। शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों ने भी शुक्रवार को संविदा नियमावली एवं विनियमतिकरण नियमावली 2020 के विरोध में बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण सिंह को ज्ञापन सौंप अपना विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी विभागों में समूह ख और ग के पदों की भर्तियों में पहले 5 वर्षो तक कर्मचारियों को संविदा के आधार पर नियुक्त करने का विचार कर रही है। इस अवधि के दौरान कर्मिकों को सरकारी कर्मिकों को मिलने वाले सेवा संबंधी लाभ नहीं दिए जाएंगे। संविदा अवधि के दौरान कर्मिकों के प्रदर्शन का प्रत्येक छमाही मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन में प्रतिवर्ष 60 फीसद से कम अंक पाने वाले कर्मिक सेवा से बाहर कर दिए जाएंगे। यह निर्णय उचित नहीं है।


--उम्मीदों पर कुठाराघात है यह नियमावली
ज्ञापन देने वाले युवाओं ने कहा कि प्रतियोगी छात्रों के अगर यह नियमावली गतिमान भर्तियों पर लागू होता है तो पिछले चार वर्षों से भी अधिक समय अनेक भर्तियों के परिणाम लंबित है। उनके परिणाम कब आएंगे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि परिणाम आ भी जाते हैं तो यह नियमावली प्रतियोगी अभ्यर्थियों के उन तमाम आशाओं पर कुठाराघात होगा। ज्ञापन के माध्यम से सभी ने सरकार से मांग किया है कि इस नियमावली को कैबिनेट मंजूरी न दे। ऐसे नियम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर दुष्यंत सिंह, पंकज सिंह, आनन्द प्रकाश, आशुतोष तिवारी, अविनाश पांडेय, जीउत गुप्ता, निहाल सिंह, नन्दलाल गुप्ता आदि मौजूद थे।

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