11 June 2020

कोरोना का एक भी मरीज रहने या इसकी दवा आने तक प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखे जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है

कोरोना का एक भी मरीज रहने या इसकी दवा आने तक प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखे जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है


वहीं, एक अन्य जनहित याचिका में दसवीं व बारहवीं बोर्ड की बची परीक्षा कराने के सीबीएसई और आईसीएसई के निर्णय को चुनौती दी गई है।

 दोनों याचिकाएं राजधानी के छात्र अनुज निषाद ने दायर की हैं। इन पर 15 जून को सुनवाई हो सकती है। याची के अधिवक्ता केके पाल के मुताबिक कोरोना के बढ़ रहे मरीजों के मद्देनजर स्कूलों में शारीरिक दूरी व मास्क लगाने के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन संभव नहीं है।

ऐसे में प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को कोविड-19 महामारी पूरी तरह खत्म होने या इसकी दवा आने तक बंद रखे जाने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाने चाहिए। दूसरी याचिका में भी कोरोना का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार समेत केंद्रीय बोडों को माध्यमिक स्तर की बची बोर्ड परीक्षाएं न करवाकर विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए जाने के निर्देश देने की गुजारिश की गई है।

कोरोना का एक भी मरीज रहने या इसकी दवा आने तक प्रदेश के बारहवीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखे जाने के आग्रह वाली जनहित याचिका बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news