10 June 2020

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग का खुलासा करने के लिए सोरांव पुलिस के साथ एसटीएफ भी जांच में लग गई है

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग का खुलासा करने के लिए सोरांव पुलिस के साथ एसटीएफ भी जांच में लग गई है

पता चला है कि इस गैंग ने सहायक शिक्षा भर्ती के अलावा कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी नकल कराकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले हैं। इससे पूर्व 2019 में एसटीएफ ने इसी तरह के गैंग का खुलासा किया था। फर्जीवाड़ा करने वाला नामजद आरोपी मायापति अभी पकड़ा नहीं गया है। इस प्रकरण में अब तक पुलिस दो अभ्यर्थी समेत 11 को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।

69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी प्रतापगढ़ के राहुल सिंह को झांसा देकर शातिरों ने 7.50 लाख रुपये पास कराने के नाम पर लिए थे। परिणाम आने के बाद ठगी के शिकार हुए राहुल सिंह ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल समेत आठ के खिलाफ सोरांव थाने में फर्जीवाड़ा की एफआईआर दर्ज कराई थी।

सोरांव पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी डॉ. कृष्ण लाल पटेल समेत 11 को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इनके पास से 22 लाख रुपये नकद व फर्जी डॉक्यूमेंट भी मिले थे। पकड़े गए आरोपियों में दो अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिसमें अभ्यर्थी धर्मेंद्र सिंह टॉपरों की लिस्ट में है। उसे 150 में 142 अंक मिले थे।

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए आरोपियों ने इससे पूर्व भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों ने भी डॉ. कृष्ण लाल पटेल समेत अन्य के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए थे। पुलिस को यह भी बताया था कि कुछ समय पहले हुई लेखपाल और हॉर्टिकल्चर परीक्षा में भी शातिरों ने अपने रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। इस पूरे रैकेट का खुलासा करने के लिए पुलिस के साथ ही एसटीएफ को भी लगा दिया गया। एसटीएफ की जांच में खुलासा होगा कि कैसे पेपर आउट कराकर अभ्यर्थियों को नकल कराई गई। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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