12 June 2020

69000 शिक्षक भर्ती में अनियमितता की जांच एसटीएफ की बजाय हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग उठी है

69000  शिक्षक भर्ती में अनियमितता की जांच एसटीएफ की बजाय हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग उठी है


इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं सपा नेता ऋतचा सिंह ने यह मांग की है। उनका कहना है कि एसटीएफ की जांच का छात्रों के पास बहुत खराब अनुभव है।

लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड भर्ती के पेपरलीक को जांच एसटीएफ पिछले दो साल से कर रही है, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में एसटीएफ से अनियमितता की समयबद्ध जांच कैसे संभव है ? उनकी मांग है कि हाईकोर्ट के जज से इस मामले की समयबद्ध जांच कराई जाए।

उधर, इविवि छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को संबोधित इस ज्ञापन में भर्ती परीक्षा को निरस्त कर फिर से कराने के साथ इसमें व्याप्त गड़बड़ी की न्यायिक जांच की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल में शुभम यादव, रोहित, नीरज पांडेय आदि रहे। उधर, इस भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलित न्याय मोर्चा से जुड़े प्रतियोगियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती में व्याप्त भ्रष्टाचार दबाने का प्रयास हो रहा है। सरकार न तो सीबीआई जांच करा रही है और न भर्ती रद्द करने के संबंध में विचार कर रही है। संयोजक सुनील मौर्य का कहना है कि जो गिरोह भ्रष्टचार में लिप्त है, वह प्रदेशव्यापी है।
बकौल सुनील इसे लेकर न्याय मोर्चा की लड़ाई परीक्षा निरस्त कराने और सीबीआई जांच तक जारी रहेगी।

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