19 June 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों को एनओसी अनिवार्य नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- ऐसा कोई प्रावधान नहीं जिससे शिक्षकों को रोका जा सके

69000 SHIKSHAK BHARTI पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों को एनओसी अनिवार्य नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- ऐसा कोई प्रावधान नहीं जिससे शिक्षकों को रोका जा सके


हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में उन शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल करने का निर्देश दिया है जो पहले से किसी जिले में इसी पद पर कार्यरत हैं और अब उन्होंने दूसरे जिले से काउंसलिंग के लिए आवेदन किया है। कोर्ट ने कहा कि उनको काउंसलिंग में शामिल करने के लिए एनओसी की अनिवार्यता नहीं है। उनका चयन परिणाम भी घोषित किया जाए, मगर नियुक्तिपत्र न जारी किया जाए, यदि जारी किया भी जाता है तो वह इस याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।


कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा है।  अनिल मिश्र और 61 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की । याचीगण के अधिवक्ता अमिहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याचीगण पहले से सहायक अध्यापक के तौर पर  पढ़ा रहे हैं। अब उन्होंने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्त में अन्य जिलों से काउंसलिंग के लिए आवेदन किया है, मगर उनको इसके लिए अनुमति नहीं दी जा रही है।

अधिवक्ता ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वार जारी सर्कुलर के पेज-87 का हवाला देकर कहा कि इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे किसी सहायक अध्यापक को किसी भी लोक पद के लिए आवेदन करने से रोका जा सके। ऐसा करना उसके अवसर की समानत के मूल अधिकार का हनन होगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बोर्ड से इस मामले में जवाब मांगा था, मगर उनकी ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं  बतया जा सका, जिससे किसी सहायक अध्यापक को दूसरे जिले से उसी पद के लिए आवेदन करने से गेका जा सके।

सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि इसकी अनुमति देने से शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ने की संभावना है। इस पर कोर्ट का कहना था कि यदि अध्यापक इस्तीफा दे देता है, तब भी यही समस्या खड़ी होगी। कोर्ट का कहना था कि यहां प्रश्न है कि क्या याचीगण को अनुच्छेद 14 और 16(1) में प्राप्त अधिकारों को देने से गेका जा सकता है, वह भी किसी कानूनी प्रावधान के। क्योंकि सरकार ऐसा कोई कानून कोर्ट को बत नहीं सकी है।

69000 SHIKSHAK BHARTI पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों को एनओसी अनिवार्य नहीं, हाईकोर्ट ने कहा- ऐसा कोई प्रावधान नहीं जिससे शिक्षकों को रोका जा सके Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news