19 June 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI फर्जीवाड़ा:- मोस्टवांटेड चंद्रमा नहीं आया पकड़ में, अभ्यर्थियों के बारे में भी नहीं लग सका है कोई सुराग

69000 SHIKSHAK BHARTI फर्जीवाड़ा:- मोस्टवांटेड चंद्रमा नहीं आया पकड़ में, अभ्यर्थियों के बारे में भी नहीं लग सका है कोई सुराग


परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में फरार चल रहे मोस्टवांटेड स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) लगातार गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का दावा कर रही है, लेकिन एक भी अभियुक्त गिरफ्त में नहीं आया। इससे एसटीएफ की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रीतम नगर निवासी स्कूल प्रबंधक चंद्रमा के खिलाफ टीईटी का पर्चा आउट कराने के आरोप में भी सिविल लाइंस थाने में एफआइआर दर्ज हुई थी। तब एसटीएफ ने ही चंद्रमा समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मगर इस हाईप्रोफाइल मामले में वह लगातार एसटीएफ को चकमा दे रहा है। एसटीएफ के अधिकारी उस पर शिकंजा करने के लिए हर तरह का जतन कर रहे हैं, मगर उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही हैं। वहीं, भदोही का मायापति दुबे और प्रतापगढ़ का दुर्गेश पटेल व संदीप पटेल भी अब तक फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी न होने से एसटीएफ को कोई सुराग नहीं मिल पर रहा, जिनके नाम सरगना डॉ. केएल पटेल से मिली डायरी में दर्ज हैं। कहा जा रहा है कि डायरी के आधार पर एसटीएफ ने तीन अभ्यथी को ट्रेस भी किया है। वह कहां के रहने वाले हैं और सहायक शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में पास हुए अथवा फेल, इसके बारे में फरार अभियुक्तों से ही पता चल सकेगा।

मायापति भी गिरफ्त में नहीं
सोरांव थाने में दर्ज सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में भदोही के कोईरौना निवासी मायापति दुबे नामजद आरोपित है। एसटीएफ का दावा है कि गुरुवार को उसकी तलाश में छापेमारी की गई, लेकिन वह नहीं मिल सका। उसकी गिरफ्तारी के लिए अब वाराणसी एसटीएफ की भी मदद लिए जाने की बात कही जा रही है।

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