24 June 2020

69000 SHIKSHAK BHARTI : UP सरकार को मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट में भी प्रश्नों के विवाद से जुड़ी याचिका खारिज, 3 विवादों में फंसी शिक्षक भर्ती, भर्ती पर एक नजर

69000 SHIKSHAK BHARTI : UP सरकार को मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट में भी प्रश्नों के विवाद से जुड़ी याचिका खारिज, 3 विवादों में फंसी शिक्षक भर्ती, भर्ती पर एक नजर

यूपी में 69000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में योगी सरकार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को परीक्षा में गलत प्रश्नों के विवाद से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें गलत प्रश्नों को यूजीसी पैनल के समक्ष भेजे जाने पर रोक लगा दी गई थी। शीर्ष अदालत ने अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि कि याचिकाकर्ता चाहें तो हाईकोर्ट जा सकते हैं।

दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भर्ती से जुड़े विवादित प्रश्नों को चेक करने के लिए यूजीसी को भेजने का आदेश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी। याचियों ने हाईकोर्ट की हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 12 जून को सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी थी। इस आदेश के बाद यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट के 9 जून के आदेश से करीब 37 हजार पदों पर लगी रोक के इतर शेष बचे पदों पर भर्ती प्रकिया आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई थी।

3 विवादों में फंसी 69000 शिक्षक भर्ती
- परीक्षा में पास कराने को लेकर फर्जीवाड़ा
- प्रश्नों के उत्तर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति
- कटऑफ के खिलाफ शिक्षामित्रों ने की है याचिका

■  भर्ती पर एक नजर
- एक दिसंबर 2018 को जारी हुआ था शासनादेश
- 5 दिसंबर 2018 को जारी हुआ भर्ती का विज्ञापन
- 22 दिसंबर तक 431466 अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
- 6 जनवरी 2019 को भर्ती के लिए लिखित परीक्षा हुई
- 7 जनवरी 2019 को सरकार ने 60/65 प्रतिशत कट ऑफ रखने की घोषणा की
- 11 जनवरी 2019 को 60/65 कटऑफ को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी
- 29 मार्च 2019 को हाईकोर्ट ने 40/45 कटऑफ रखने का आदेश दिया
- सरकार ने सिंगल बेंच के आदेश को मामले को डबल बेंच में चुनौती दी
- 6 मई को हाईकोर्ट ने 60/65 फीसदी कटऑफ के पक्ष में फैसला सुनाया
- 12 मई को 69000 लिखित परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ
- 01 जून को जिला आवंटन सूची का प्रकाशन कराया गया
- 3 जून को काउंसिलिंग के पहले दिन हाईकोर्ट ने रोक लगाई
- 8 जून को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और पक्षकारों को अपनी लिखित बहस, आपत्तियां व जवाब दाखिल करने के लिए 9 जून तक का समय दिया था।
- 9 जून सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में 37,000 पोस्ट शिक्षा मित्रों के लिए रिजर्व रखीं।
- 12 जून को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार की तीन स्पेशल अपील पर आदेश सुनाते हुए एकल पीठ के 3 जून के आदेश को स्टे कर दिया। यानी अब सरकार सुप्रीम कोर्ट के 9 जून के आदेश से करीब 37 हजार पदों पर लगी रोक के इतर शेष बचे पदों पर भर्ती प्रकिया आगे बढ़ाने को स्वतंत्र है।

69000 SHIKSHAK BHARTI : UP सरकार को मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट में भी प्रश्नों के विवाद से जुड़ी याचिका खारिज, 3 विवादों में फंसी शिक्षक भर्ती, भर्ती पर एक नजर Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news