18 July 2020

परिषदीय शिक्षकों का वेतन सूचनाओं के मकड़जाल में उलझ गया हैं. अत्यधिक सूचना, फीडिग और गैर- शैक्षणिक कार्यों के तले प्राथमिक शिक्षा दबकर रह गई हैं

परिषदीय शिक्षकों का वेतन सूचनाओं के मकड़जाल में उलझ गया हैं. अत्यधिक सूचना, फीडिग और गैर- शैक्षणिक कार्यों के तले प्राथमिक शिक्षा दबकर रह गई हैं


परिषदीय शिक्षकों का वेतन सूचनाओं के मकड़जाल में उलझ गया हैं. अत्यधिक सूचना, फीडिग और गैर- शैक्षणिक कार्यों के तले प्राथमिक शिक्षा दबकर रह गई हैं. लिहाजा अब अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ भ्रष्यचार मुक्त

शिक्षा, अत्याचार मुक्त शिक्षक अभियान चलाया जाएगा, शुक्रवार को राष्ट्रवादी शिक्षक महासंघ की कार्यसभिति की बैठक बिचपुरी बीआरसी पर हुई. इसमें संगठन के प्रदेश संयोजक मुकेश डागुर ने कह्य कि संक्रमण काल में भी परिषदीय शिक्षकों से असुरक्षित तरीके से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं. शिक्षा को प्राथमिकता देने की जगह वेतन, एरियर और भुगतान को रोककर उन्हें आर्थिक व मानसिक रुप से परेशान किया जाता है. गैर- शिक्षक शिक्षक शिक्षण कार्य पर ध्यान नहीं दे पाते और गरीब बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है. इससे निजात दिलाने को भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा, अत्याचार मुक्त शिक्षक नाम से आंदोलन किया जाएगा, जिसमें समाज के लोगों को भी जोड़ा जाएगा.

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