21 July 2020

सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ दिलाने वाले खेवनहारों से सावधान रहिए :-72825 की तरह रेवड़ियां नही बांटी जाएंगी। क्योंकि

 सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ दिलाने वाले खेवनहारों से सावधान रहिए :-72825 की तरह रेवड़ियां नही बांटी जाएंगी। क्योंकि


नमस्कार संघर्ष के साथियों........
 सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ दिलाने वाले खेवनहारों से सावधान रहिए :-72825 की तरह रेवड़ियां नही बांटी जाएंगी। क्योंकि 72825 में याची लाभ इसलिए मिला क्योंकि दो विज्ञापन के समान (72825 पदों व अमेंडमेंट का मामला था जैसा बसपा कालीन 11वें अमेंडमेंट से 72825 टेट मेरिट के आधार पर भर्ती ) तथा दूसरी 72825 भर्ती सपा कालीन ऐकडेमिक आधार पे 12वें अमेंडमेंट पर भर्ती । यहाँ 69 हज़ार में दो विज्ञापन का मामला नही है सिर्फ 07 जनवरी 2019 के Go में उल्लेखनीय मिनीमम पासिंग मार्क्स का मामला है क्या सरकार परीक्षा उपरांत मिनिमम पासिंग मार्क्स लगा सकती है ? या नही। जैसा कि कल के आये सुप्रीम कोर्ट के आदेश में अनेक समाचार पत्रों में लिखा है। अब कुछ लोग 40/45 कटऑफ या पासिंग मार्क्स पर बीएड के 97 हज़ार पास लोगों को सुप्रीम कोर्ट से 40/45% पर याची लाभ दिलवाएंगे 😁😁🤣🤣😁 और लड़के याची लाभ लेने के लिए उत्सुक होकर लक्ष्मी जी को खेवनहारो तक पहुचायेंगे। भाई इतना कॉमन सेंस तो लगावो कि दो पक्ष शिक्षामित्र व बीटीसी की संख्या जोड़ लो कितने पास हो रहे हैं और यह भी जोड़ लो कि 68हज़ार 500 भर्ती से कितने शिक्षामित्र बच गए तथा 69k भर्ती में कितने शिक्षामित्र अभी शेष हैं 🤣🤣🤣 और अगर ज्यादा कैलकुलेशन करना है तो 68500 भर्ती व रनिंग 69k भर्ती से बीटीसी की संख्या जोड़ लो। क्या पूरे प्रदेश को पहले आवो (याची) और पहले पावो (लाभ😊) दिलाने का ठेका ले लिए हो। बेरोजगार अभ्यर्थियों के हड्डियों का गुलाबी नोटों से मंजन बनाना है जो दाँत पर जमके रगड़ लें 🤣🤣😆🤣। सुधर जावो जितना जल्दी हो सके नही तो यही बेरोजगार अभ्यर्थी तुम्हारे घरों में घुसकर याची लाभ का शपथपत्र बनवाएंगे। और सुनो कल सुप्रीम कोर्ट यदि स्टे दे देती तो जो 8085 शिक्षामित्र मेहनत से पास हुये थे उनको बड़ा आघात पहुंचता ,भर्ती कल ही सेफ साइड निकल गया है उसका प्रमुख कारण स्टे न देना चूंकि कल कोर्ट में गोपाल सुबमर्यम व आर के सिंह आदि वकीलों ने उन शिक्षामित्रों के लिए ग्रीवांस की मांग किएँ जो आनन्द कुमार यादव बनाम स्टेट याफ यूपी के दो क्रमागत भर्ती से असफल होने के बाद बेचारे स्टेट के लिबर्टी के अधीन कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर 11 महीने का वर्क कर रहे थे जैसा कि आनंद यादव बनाम स्टेट के केस में उल्लेखित है उनको माननीय ललित जी ने न छेड़ने की बात किये है क्योंकि 30 जून 2020 को ऐसे शिक्षामित्र अपना रिन्युअल खो देंगे और शिक्षामित्र पद से हट जाएंगे ।इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 6 जुलाई 2020 को स्टेट से शिक्षा मित्रों सहित रनिंग भर्ती के समस्त रिकार्ड माँगवाएँ हैं न कि याची लाभ का रेवड़ी बाटने के लिए 🤣🤣 और सुनो आनन्द कुमार यादव केस का जजमेन्ट 25 जुलाई 17 को आया था यानी अगले 2 वर्षों में 2 भर्तियों में क्रमागत मौका देकर बेसिक में AtrE पोस्ट पर जाने का आदेश दिए थे और साथ मे स्टेट को लिबर्टी दिया गया कि चाहे तो उन शिक्षामित्रों को दुबारा उसी कॉन्ट्रैक्ट पर रख लिया जाए जबतक उनको 68500 व 69 हज़ार में प्रतिभाग नही कर लेते ऐसे में जब 69 हज़ार रनिंग भर्ती में 3 से 6 जून को नियुक्ति पत्र देने की बात स्पष्ट है बेसिक शिक्षा परिषद के सीनियर एडवोकेट श्रीमान राकेश मिश्रा जी के द्वारा सुप्रीम कोर्ट की बहस में।लाजमी था कि माननीय ललित जी उन शिक्षामित्रों को रिलीफ़ देते जो दोनों भर्तियों में किसी कारणवश सफल नही हो सके क्योंकि स्टेट की लिबर्टी (कॉन्ट्रैक्ट बेस) पर खत्म होने वाली थी। इसलिए सभी 90/97 सपोर्टर इस भ्रम में ना रहे कि कोई याची लाभ का आदेश होने वाला है भविष्य में। हां आप स्वतंत्र हैं किसी भी प्रकार से मदद कर सकते हैं मगर याची लाभ के शर्तो से सिर्फ आप अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारेंगे।  मेरा न तो इस मुद्दे पर किसी को अलग से स्पष्टीकरण देना है और न ही मैं व्यक्तिगत याची लाभ का समर्थन करता हूँ।  जो शाश्वत सत्य है वही लिखूंगा और आगे भी लिखता रहूंगा क्योंकि संविधान ने सभी को मौलिक अधिकार दिया है।  और हाँ जो लोग इस गफलत में जी रहे हैं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट से अगले 14 जुलाई 2020 की सुनवाई में भर्ती 40/45 पे हो जाएगा तो उस दिवास्वप्न से बाहर निकल जाएं। इशारा काफी है कल स्टे ना होना बाकी सब्जेक्ट to slp चलता रहेगा 🤣 जबतक 69k भर्ती 90/97 पर कम्पलीट न हो जाये।
धन्यवाद
आपका साथी त्रिपुरेश पाण्डेय
   #दबा_के_शेयर_कीजिये🙏😁

सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ दिलाने वाले खेवनहारों से सावधान रहिए :-72825 की तरह रेवड़ियां नही बांटी जाएंगी। क्योंकि Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news