09 June 2020

स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्र की तरह राज्य सरकारें भी जल्दबाजी में नहीं हैं, ज्यादातर राज्य अभी अगले दो महीने स्कूलों को खोलने के पक्ष में नहीं

स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्र की तरह राज्य सरकारें भी जल्दबाजी में नहीं हैं, ज्यादातर राज्य अभी अगले दो महीने स्कूलों को खोलने के पक्ष में नहीं


नई दिल्ली : स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्र की तरह राज्य सरकारें भी जल्दबाजी में नहीं हैं। मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रलय की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सोमवार को बुलाई गई बैठक में ज्यादातर राज्यों ने स्कूलों को खोलने की योजना को अगले दो महीने तक और स्थगित रखने का सुझाव दिया है। राज्यों ने तकरीबन 70 फीसद स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाने की जानकारी भी दी। इनमें करीब 200 केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हैं। ऐसे में मंत्रलय ने संकेत दिए है कि स्कूलों के खोलने को लेकर कोई भी फैसला 15 जुलाई के बाद ही लिया जाएगा।

अनलॉक-1 के बाद कोराना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अगले चरण की तैयारी की जाएगी। इसकी समीक्षा 15 जुलाई के आसपास होगी। उसके बाद ही स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर को खोलने का निर्णय हो सकता है। मंत्रलय ने स्पष्ट किया है कि गृह और स्वास्थ्य मंत्रलय के दिशानिर्देशों के बाद ही राज्य स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर शिक्षण संस्थानों को खोलने पर कोई फैसला करेंगे।

ज्यादातर राज्यों ने इसे लेकर तैयारी तेज करने की जानकारी दी। कुछ राज्यों ने ऐसे बच्चों के लिए स्कूलों को खोलने की जरूरत बताई, जिनके पास अभी ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ने का कोई माध्यम जैसे टीवी, मोबाइल आदि नहीं है।

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