16 September 2020

समूह ख और ग की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव पर कर्मचारी संगठनों ने आक्रोश प्रकट किया है, कहा कि सरकार तुगलकी फरमान जारी कर कर्मियों का शोषण करती है, नई व्यवस्था लाग होने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा

समूह ख और ग की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव पर कर्मचारी संगठनों ने आक्रोश प्रकट किया है,  कहा कि सरकार तुगलकी फरमान जारी कर कर्मियों का शोषण करती है,  नई व्यवस्था लाग होने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा



राज्य सरकार समूह ख और ग में भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी पर चर्चा कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में चयन के बाद कर्मचारियों को शुरूआती दौर में पांच वर्ष तक संविदा के आधार पर नियुक्त करने की योजना है।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से नियुक्ति में पारदर्शिता के साथ ही भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी। कर्मचारी संगठनों ने इस नए प्रस्ताव को सरकार का तुगलकी फरमान बताया है। राज्य संयुक्त कर्मचारी संघ देवीपाटन मंडल अध्यक्ष, उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ अध्यक्ष वीएन उपाध्याय कहते हैं कि एक तरफ सरकार पुरोधा?लड़की बात करती है, दूसरी ओर उसे अपने ही सिस्टम पर भरोसा नहीं है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से सरकारी नौकरियों में तैनाती पर भ्रष्टाचार रुकेगा, लेकिन भ्रष्टाचार रुकेगा लेकिन भ्रष्टाचार फैलाने वाले लोग सरकार के ही आदमी हैं।

समूह ख और ग की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव पर कर्मचारी संगठनों ने आक्रोश प्रकट किया है, कहा कि सरकार तुगलकी फरमान जारी कर कर्मियों का शोषण करती है, नई व्यवस्था लाग होने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news