21 August 2020

Shikshamitra: जैसा कि उत्तर प्रदेश के पीड़ित शिक्षामित्रो का जन जीवन पहले से भी अधिक हुआ दुर्बल

Shikshamitra: जैसा कि उत्तर प्रदेश के पीड़ित शिक्षामित्रो का जन जीवन पहले से भी अधिक हुआ दुर्बल


जैसा कि समायोजन निरस्त होने के पश्चात यूपी के पीड़ित शिक्षामित्रो को योगी सरकार से बहुत अधिक अपेक्षाएं थी कि इस संकटकालीन में योगी सरकार पीड़ित शिक्षामित्रो को इतना पारिश्रमिक जरूर देगी कि उसे अपने परिवार को जीवित रखने के लिए अन्यत्र कहीं हाथ पैर चलाना नहीं पड़ेगा?

👉आज की स्थिति यह है कि बहुतायत पीड़ित शिक्षामित्र इसी अल्प मानदेय पर अपने परिवार को किसी भी तरह से जीवित रखने के लिए दिन रात तड़पते रहते हैं, अभी तक तो स्कूल समयावधि के पश्चात बंद होने के बाद कुछ समय निकाल कर के पार्ट टाइम वर्क करके बहुतायत पीड़ित शिक्षामित्र कुछ धनार्जन कर भी लेते थे अब दिनांक = 14 अगस्त के शासनादेश के अनुसार स्कूल की समय व्यवस्था में काफ़ी बदलाव होने के कारण वह भी समय सीमा स्कूल में ही रह करके निर्धारित मानदेय से ही अपने परिवार को जीवित रखना पड़ेगा,
फिलहाल अब पीड़ित शिक्षामित्रो की पीड़ा को सम्भवतः ईश्वर के अतिरिक्त कोई भी समझना नहीं चाहता है।


👉 इसी उदासी के चलते नित दो से तीन पीड़ित शिक्षामित्र आत्महत्या करने के लिए विवश हैं, लेकिन हमारे विचार से सभी पीड़ित शिक्षामित्रो को अब कोई न कोई वैकल्पिक व्यवस्था जरूर बनाए रखने चाहिए।और जिससे कि उसका परिवार भूखमरी से अपना प्राण किसी भी दशा में न त्यागे?

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