25 January 2020

शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ नहीं, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया जारी है

शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ नहीं, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया जारी है

काशी हंिदूू विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया जारी है। हंिदूी भाषी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव के आरोपों के साथ नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते रहे हैं। अब इसमें एक नया अध्याय जुड़ गया है। आरटीआइ से मांगी गई जानकारी के अनुसार एक जनवरी 2020 तक के खाली पदों में सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी के साथ दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की पूरी तरह अनदेखी कर दी गई। इस बारे में पूछने पर बीएचयू प्रशासन कह रहा है कि नियुक्ति प्रक्रिया नियम के दायरे में हो रही है, लेकिन उनके जवाब में कहीं भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का जिक्र नहीं है।

बीएचयू प्रशासन की ओर से एक जनवरी 2020 को दिए गए जवाब में बताया गया है कि विवि में जनरल, एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर पद के कुल 2040 पद स्वीकृत हैं। वहीं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त 37 सीटें आरक्षित हैं। वर्तमान में जनरल, एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग में कुल 612 शैक्षणिक पद रिक्त हैं, जबकि दिव्यांग वर्ग के 28 पद भरे जाने हैं। हालांकि विवि की ओर से निकाले गए विज्ञापन में ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण की बात अंकित थी। विवि प्रशासन का दावा है कि जिस भी विभाग में ईडब्ल्यूएस आरक्षण दिया गया था, वहां उसी के मुताबिक नियुक्ति की जा रही है।

शैक्षणिक पदों के लिए निकाले गए विज्ञापन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को तय नियमानुसार आरक्षण की व्यवस्था दी गई है। जिस विभाग में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू है, वहां उसी के मुताबिक नियुक्ति की जा रही है।

शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ नहीं, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया जारी है Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news