25 January 2020

नए आयोग से प्रभावित होगा शिक्षकों का चयन

नए आयोग से प्रभावित होगा शिक्षकों का चयन

प्रयागराज: उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के जल्द मूर्तरूप लेने की आहट है। शासन ने जिस तरह से उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में प्राचार्यो की भर्ती पर फिलहाल रोक लगाई है, उससे अंदेशा है कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र में भर्तियां अधर में लटक सकती हैं, क्योंकि अभी तक जारी साक्षात्कार कार्यक्रम में करीब आधे विषय ही शामिल हैं। शेष विषयों का इंटरव्यू क्या नया आयोग कराएगा? यह सवाल अनुत्तरित है।

चयन बोर्ड ने प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक कॉलेजों के लिए प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (पीजीटी-टीजीटी) 2016 की लिखित परीक्षा फरवरी व मार्च में कराई थी। टीजीटी के 16 और पीजीटी के 24 विषयों की लिखित परीक्षा का परिणाम 25 अक्टूबर 2019 से लेकर सात जनवरी 2020 तक घोषित हुए। इसी बीच चयन बोर्ड ने दो से 11 जनवरी तक और फिर 16 जनवरी से 14 फरवरी तक प्रवक्ता के 17 और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के आठ विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित किया। दूसरे चरण का इंटरव्यू इन दिनों चल रहा है। चयन बोर्ड ने इसके आगे अन्य विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। शासन ने संकेत दिया है कि नया आयोग मार्च माह में अस्तित्व में आ सकता है। ऐसे में सवाल है कि शेष विषयों का इंटरव्यू क्या नया आयोग कराएगा?

ज्ञात हो कि नए आयोग का गठन में उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और प्राथमिक शिक्षकों के लिए चयन करने वाले परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की भर्तियों को शामिल किया गया है। यही नहीं नया आयोग चयन बोर्ड के कार्यालय में ही शुरू होना है। ऐसे में असमंजस बना है। उप्र उच्चतर आयोग और माध्यमिक चयन बोर्ड की ओर से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है, बल्कि सभी निर्णय शासन की ओर से किए जा रहे हैं। हालांकि अभी नए आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों आदि का चयन होना भी शेष है।

परीक्षा कब, पता नहीं

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