04 December 2019

MDM: सवा किलो दाल में ही बना दिया 88 बच्चों के लिए भोजन

MDM: सवा किलो दाल में ही बना दिया 88 बच्चों के लिए भोजन

वाराणसी : प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए चलाई जा रही मध्याह्न् भोजन योजना (मिड-डे मील) अधिकारियों की उदासीनता की भेंट चढ़ती जा रही है। बच्चों को मेन्यू के हिसाब से भोजन जरूर परोसा जा रहा है, लेकिन निगरानी के अभाव में उसकी गुणवत्ता दिन-ब-दिन गिरती जा रही है। गत दिनों मीरजापुर में नमक2011रोटी प्रकरण व सोनभद्र में एक लीटर दूध में 81 बच्चों में वितरित होने के बाद इस व्यवस्था पर ही सवाल उठने लगे हैं। इसी को ध्यान में रखकर दैनिक जागरण टीम मंगलवार को जनपद के चुनिंदा विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की पड़ताल करने पहुंची। कई विद्यालयों में भोजन तो मेन्यू के हिसाब से बनते दिखे, लेकिन परोसते समय गुणवत्ता के दावों की परतें खुलने लगीं। विद्यालय में वितरण के लिए सेंट्रलाइज्ड किचन से चावल संग सब्जीयुक्त दाल आई। कहीं अरहर की दाल में बथुआ, कहीं पालक, तो कहीं लौकी पड़ी थी। बड़ी बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद में छात्र-छात्रओं के लिए सवा किलोग्राम अरहर की दाल में तीन पाव बथुआ का साग प्रयोग किया गया था। दाल इतनी पतली थी कि परोसते ही फैल गई। बथुआ खोजने पर दाल में नजर आया।
रसोईघर में लटकता मिला ताला : बड़ागांव के अधिकांश विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन बने, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी-बड़ागांव परिसर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के रसोईघर में ताला लटकता मिला। विद्यालय में उपस्थित सभी 236 छात्र-छात्रओं को खाली पेट ही वापस लौटना पड़ा। इस बाबत प्रिंसीपल निर्मला देवी ने बताया कि गैस सिलेंडर की पाइप से गैस लीकेज होने के कारण भोजन नहीं बन पाया।

अरहर की दाल में मटर दाल की मिलावट: बड़ागांव प्राथमिक विद्यालय प्रथम व द्वितीय सहित प्राथमिक विद्यालय कुसही में भोजन बना जरूर था, मगर अरहर की दाल में मटर दाल की मिलावट की गई थी।

विद्यार्थियों के सामने तू-तू, मैं-मैं : अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय इसलिए भेजते हैं कि वे अपने शिक्षक के आदर्शो का अनुसरण करते हुए न सिर्फ तालीम हासिल करें, बल्कि संस्कार भी ग्रहण करें। मगर प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद में इस विश्वास से पर्दा उठा दिया। भोजन परोसने के दौरान शिक्षामित्र व प्रिंसीपल के बीच जोरदार बहस छिड़ गई। आरोप-प्रत्यारोप का भी दौर चला, तू-तू, मैं-मैं भी हुई। छोटे-छोटे बच्चों के सामने स्तरहीन शब्दों का जमकर प्रयोग किया गया। यह केवल एक दिन की घटना नहीं थी। आस-पास के लोगों के मुताबिक ऐसा यहां अक्सर होता रहता है। इस संदर्भ में पूछे जाने पर बीएसए ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही जबकि प्रिंसीपल के मुताबिक उक्त प्रकरण में लिखित शिकायत की गई थी, जिस पर आज तक र्कारवाई नहीं हुई।

इन विद्यालयों में हुई पड़ताल : प्राथमिक विद्यालय माता प्रसाद बड़ी बाजार, प्राथमिक विद्यालय ढेलवरिया, प्राथमिक कन्या विद्यालय पिशाच मोचन, प्राथमिक कन्या विद्यालय नगवां, प्राथमिक विद्यालय दुर्गाकुंड, प्राइमरी इंग्लिश स्कूल जफराबाद, बरस्ता प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय शकलपुर, प्राथमिक विद्यालय जमापुर, प्राथमिक विद्यालय रामपुर, थाना प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय अखरी, भोपापुर जूनियर स्कूल, भटौली जूनियर स्कूल, औसानपुर प्राथमिक विद्यालय, औसानपुर जूनियर स्कूल, प्राथमिक विद्यालय ठटरा, प्राथमिक विद्यालय भिटारी, अखरी प्राइमरी विद्यालय, हरदत्तपुर प्राथमिक विद्यालय।

गुरुधाम कॉलोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय में घूमते2011खेलते भोजन करते विद्यार्थी ’जागरण

चौकाघाट क्षेत्र के बड़ी बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय में कतार में बैठे छात्र2011छात्रओं को वितरित किया जा रहा मिड-डे-मील का भोजन ’जागरण

बड़ी बाजार चौकाघाट प्राथमिक विद्यालय में एक तरफ बच्चे खा रहे मिड-डे-मील का भोजन वहीं प्रधानाध्यापक व शिक्षा मित्र में हो रहा था विवाद ’जागरण

प्राथमिक विद्यालय भिटारी में मिड2011डे2011मील के तहत चावल2011दाल खाते बच्चे ’जागरण

प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में चलाई जा रही मध्याह्न् भोजन योजना की जांच के दौरान सामने आई विभागीय कर्मचारियों की मनमानी

’>>परोसी जा रही मिलावटी दाल तो कहीं बंद मिली विद्यालय की रसोई

’>>गुणवत्ता की कमी पर महकमा गंभीर, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

जनपद के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में भोजन की आपूर्ति बाल विकास परियोजना संरक्षण की ओर से की जाती है। भोजन की जांच बराबर होती है। जो भी गलत कर रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जय सिंह, बीएसए।

यह है भोजन का मेन्यू

सोमवार : रोटी, सोया सब्जी व फल

मंगलवार : चावल- सब्जीयुक्त दाल

बुधवार :तहरी एवं दूध

गुरुवार : रोटी, सब्जीयुक्त दाल/ दलिया

शुक्रवार: सब्जी,सोयाबीन युक्त तहरी

शनिवार: सब्जी, चावल

जासं, मुजफ्फरनगर: जनता इंटर कॉलेज, मुस्तफाबाद पचेंडा में मिड-डे मील में मरा हुआ चूहा निकला। इस भोजन को खाने से नौ बच्चों और एक शिक्षक की हालत बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीएम ने भोजन आपूर्ति करने वाले एनजीओ प्रभारी पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को स्वयंसेवी संस्था जनकल्याण सेवा समिति ने कॉलेज में मिड-डे-मील के रूप में दाल-चावल की सप्लाई की थी। पूर्वाह्न करीब 11 बजे 250 बच्चों को कतार में बैठाया गया। शिक्षक डॉ. मन्नू प्रसाद ने भोजन की गुणवत्ता जांची। इसके बाद एनजीओ कर्मियों ने पहली कतार के नौ बच्चों को भोजन परोसा। दूसरी कतार में भोजन परोसते समय एक बच्चे के बर्तन में मरा हुआ चूहा दिखा। बच्चों को परोसा गया भोजन वापस लेकर सारा मिड-डे-मील सील कर दिया। तब तक नौ बच्चे भोजन कर चुके थे। एक शिक्षक ने भी भोजन चखा था। दो-तीन बच्चों को उल्टियां होने लगीं। कॉलेज प्रबंधन ने नौ बच्चों और शिक्षक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चे कक्षा छह से आठ के हैं। मिड-डे मील के जिला समन्वयक विकास त्यागी ने मौके पर जांच की। काफी अभिभावक कॉलेज पहुंचे और बच्चों को घर ले आए। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने बताया कि बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है। आपूर्ति करने वाली एनजीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

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