11 September 2019

प्रेरणा एप का जन्म ही केवल शिक्षकों को चोर साबित करने के लिए हुआ है

प्रेरणा एप का जन्म ही केवल शिक्षकों को चोर साबित करने के लिए हुआ है


*🔴दूर दराज गांव में प्रत्येक मौसम और परिस्थिति में सुबह समय से पहुंचकर पढ़ाने व अन्य सभी आवश्यक कार्य करने वाले हम चोर हैं ?*

*🔴महीनों जेब से सभी उपस्थित बच्चों उनकी माताओं, रसोइयों आदि  को खाना, फल, दूध आदि खिला - पिलाकर 52% कनवर्जन कॉस्ट में संतोष करने वाले हम चोर हैं ?*

*🔴बीआरसी / एनपीआरसी आदि जगहों से किताबें, जूते - मौजे, बैग, आदि सामान अपने वाहन / किराए से जाने वाले हम आपको चोर नजर आते हैं,*

*🔴पूरे वर्ष बिना नहाए /मुंह धोए, कॉपी - पेंसिल न लाने वाले बच्चों को साक्षर करने वाले चोर हैं ?*

*🔴शासन द्वारा भेजी गई विभिन्न  दवाओं को खुद खाकर बांटने वाले हम चोर हैं ?*

*🔴200 ₹ में एक जोड़ी ड्रेस, 200 में ही स्वेटर बांट देने वाले हम चोर ही तो हैं,*

🔴 *लोकतंत्र में निष्पक्ष रूप से चुनाव करवाकर आपको जितवाकर मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री बनवाने वाले हम चोर हैं साहब*,

*🔴5000₹ में रंगाई पुताई, 5000₹ में पूरे वर्ष स्कूल का खर्चा चलाने वाले चोर नहीं डकैत हैं, हम ?*

*🔴पूरे वर्ष केवल 14 आकस्मिक अवकाशों से घर से 600 किमी तक की दूरी होने में भी उफ़ किए बगैर परिवार का पालन पोषण करने वाला चोर हूं, मैं ?*

*🔴 देर से पहुंचने का शौक रखता अगर तो नित रोज दुर्घटनाओं का शिकार होकर मरने वाला चोर हूं, मैं ?*

*🔴प्रति वर्ष गांव में घूमकर नामांकन बढ़ाने वाला, रोज घर - घर जाकर आवाज लगाने वाला चोर हूं, में ?*

*🔴बच्चों के हित की खातिर प्रधानों , दलालों, नेताओं से भिड़ जाने वाला चोर ही हूं, में ?*

*🔴सफाई कर्मी के न आने के बावजूद रोजाना स्कूल साफ सुथरा रखने वाला चोर हूं, मैं ?*

*🔴विद्यालय समय के बाद भी बैंक, बीआरसी, बाजार, राशन की दुकान आदि पर जाकर स्कूल सम्बन्धी आवश्यकता पूरी करने वाला चोर हूं, में ?*

*🔴शासन द्वारा समय पर रसोइयों को मानदेय न देने के बावजूद खुद पैसे देकर उनका खर्च चलवाने वाला चोर हूं, मैं ?*

*🔴बीमार/चोटिल होकर भी मेडिकल के लिए पैसे देने वाला चोर हूं, में ?*

*🔴मातृत्व के दर्द में भी अवकाश के लिए पैसे देने और बच्चे की बीमारी में भी *ईमानदारों के पेट भरने वाला एक चोर ही तो हूं, मैं ?*

*एक शिक्षक नहीं, बस एक चोर हूं मैं ?*

*जनाब आप हमारे पीछे सीबीआई लगवा दीजिए, लेकिन हमको हमारा हक EL दे दीजिए*,

*और अगर हमारी चोरी साबित कर  सकते हो तो हमको चोरी के जुर्म में सरे आम फांसी दे दीजिए,*

*वरना हमको चोर मत कहिये*कथित लोकप्रिय ईमानदार सरकार का एक मुलाजिम- आम शिक्षक✊✊✊
यह पोस्ट सोशल मीडिया से है

प्रेरणा एप का जन्म ही केवल शिक्षकों को चोर साबित करने के लिए हुआ है Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news