11 September 2019

‘प्रेरणा’ एप को लेकर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक लामबंद, सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक शिक्षकों का विरोध जारी

‘प्रेरणा’ एप को लेकर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक लामबंद, सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक शिक्षकों का विरोध जारी

वाराणसी : ‘प्रेरणा’ एप को लेकर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक लामबंद हो हैं। सड़क से सोशल मीडिया तक शिक्षकों का विरोध जारी है। ‘हम अपनी नौकरी का इम्तिहान देंगे, ‘प्रेरणा’ तू है बेवफा..’ गाने का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पांच मिनट 48 सेकेंड के इस वीडियों में शिक्षकों ने अपनी व्यथा समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को ‘प्रेरणा’ एप लांच किया। उपस्थिति प्रमाणित कराने को इस मोबाइल ‘एप’ पर शिक्षकों को स्कूल खोलने और बंद करते सेल्फी अपलोड करना है। इसके अलावा मध्याह्न् भोजन की फोटो खींचकर डालनी होगी। सॉफ्टवेयर मध्याह्न् भोजन करने वाले बच्चों की संख्या स्वत: गिन लेगा। यही नहीं विद्यालय का नाम, प्रार्थना सभा, अध्यापकों व बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न् भोजन वितरण व अन्य गतिविधि प्रतिदिन ‘एप’ पर अपलोड करनी है। ‘एप’ के माध्यम अनुपस्थित शिक्षकों का विवरण अपलोड करना है। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में हुए कार्य का भी ब्यौरा ऑनलाइन ही देना है। स्कूल में बाउंड्री वॉल है या नहीं, विद्यालय के विकास के लिए क्या योजना बनी है या नहीं, धनराशि है या नहीं, पंचायत का सहयोग नहीं मिल रहा या नहीं सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी भी अब ‘एप’ के माध्यम से देनी होगी। लांचिंग के बाद से इस ‘एप’ का शिक्षक समुदाय विरोध कर रहा है। गत 27 अगस्त को शिक्षकों ने वरुणापुल शास्त्री घाट पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम चतुर्थ को दिया था। दूसरी ओर प्रेरणा एप को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग सख्त है। बहरहाल शिक्षकों के प्रबल विरोध के चलते अब तक प्रेरणा एप मूर्त रूप नहीं ले सका है। हालांकि शासन इसको लेकर गंभीर है। इसको लागू कराने को हर संभव कदम उठा रहा है।

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