14 August 2019

अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन के तहत अब दूध नहीं मिलेगा, अब दूध के स्थान पर खीर, बेसन का लड्डू, ग्लूकोज बिस्कुट का पैकेट, फल सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है

अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन के तहत अब दूध नहीं मिलेगा, अब दूध के स्थान पर खीर, बेसन का लड्डू, ग्लूकोज बिस्कुट का पैकेट, फल सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है

अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन के तहत अब दूध नहीं मिलेगा। पहले प्रत्येक बुधवार मध्याह्न् भोजन के अतंर्गत बच्चों को 100 एमएल दूध मिलता था। अब दूध के स्थान पर खीर, बेसन का लड्डू, ग्लूकोज बिस्कुट का पैकेट, फल सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण के निदेशक ने सभी जिलों के बीएसए से दो दिनों में विकल्पों पर सुझाव मांगा है।
प्राधिकरण के निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि मेन्यू के तहत प्रत्येक बुधवार को तहरी के साथ बच्चों को दूध का प्रावधान है। वहीं निरीक्षण के दौरान यह सामने आ रहा है कि दूध की उपलब्धता, रखरखाव व वितरण में कठिनाई हो रही है। ऐसे में गुणवत्तायुक्त दूध के स्थान पर अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है जो सुगमतापूर्वक उपलब्ध हो सके। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को वर्ष 2017 से प्रत्येक बुधवार को दूध दिया जा रहा है। वहीं पहले मध्याह्न् भोजन के तहत शनिवार को खीर दिया जाता था। खीर के स्थान पर बुधवार को दूध कर दिया गया था। अब एक बार फिर मैन्यू संशोधित करने की तैयारी चल रही है।

इन विकल्पों पर मांगा सुझाव: फल, गुड़-चना, आटा या सूजी का हलवा, ग्लूकोज बिस्कुट का पैकेट, बेसन का लड्डू, दही या पनीर, खीर सहित अन्य विकल्प यदि हों तो।

अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन के तहत अब दूध नहीं मिलेगा, अब दूध के स्थान पर खीर, बेसन का लड्डू, ग्लूकोज बिस्कुट का पैकेट, फल सहित अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news