09 August 2019

विभागीय आंकड़े बता रहे कि जिले में 396 स्कूल भवन जर्जर हैं, जहां बैठकर पठन-पाठन करना खतरे से खाली नहीं हैं। 80 हजार छात्र इसी में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं।

विभागीय आंकड़े बता रहे कि जिले में 396 स्कूल भवन जर्जर हैं, जहां बैठकर पठन-पाठन करना खतरे से खाली नहीं हैं। 80 हजार छात्र इसी में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं।

गोंडा : सरकार बेसिक शिक्षा को लेकर गंभीर है। कई योजनाओं चल रही है। छात्रों को निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकों के साथ ही जूते-मोजे, ड्रेस, स्वेटर आदि प्रदान किए जा रहे हैं लेकिन, बदहाल तस्वीर नहीं बदल रही। विभागीय आंकड़े बता रहे कि जिले में 396 स्कूल भवन जर्जर हैं, जहां बैठकर पठन-पाठन करना खतरे से खाली नहीं हैं। 80 हजार छात्र इसी में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग जिले में 2234 प्राथमिक व 903 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित करा रहा है, जिसमें वर्तमान में तीन लाख 30 हजार 912 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इन्हें पीने के लिए पानी, शौचालय, पौष्टिक एमडीएम को छोड़ दें, सुरक्षित छत तक मुहैया नहीं है। 17 शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट पर गौर करें तो स्थिति भयावह है।

अधर में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया

शासन ने जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जरूरी प्रक्रिया अपनाना था। पीडब्ल्यूडी से भवन की कीमत का आंकलन कराकर नीलामी कराई जानी थी लेकिन, यहां ब्लॉकवार सूची मंगाने के अलावा कोई कार्यवाही नहीं की गई।

भवन ढहाने के आदेश

एसडीएम कर्नलगंज ने प्राथमिक विद्यालय हनुमानगंज कादीपुर के जर्जर भवन को ढहाने के आदेश दिए हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रतिभा सिंह ने बताया कि भवन करीब 60 वर्ष पुराना है। अब नया भवन बनने से उसकी कोई जरूरत नहीं है।

विभागीय आंकड़े बता रहे कि जिले में 396 स्कूल भवन जर्जर हैं, जहां बैठकर पठन-पाठन करना खतरे से खाली नहीं हैं। 80 हजार छात्र इसी में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news