03 June 2019

69000 SHIKSHAK BHARTI को कोर्ट में फंसाए कम अंक पाने वाले बीएड धारी, इलाहाबाद व लखनऊ हाईकोर्ट ने अलग-अलग फैसले में परीक्षा के बाद लगाए गए पासिंग मार्क्स को ठहराया अवैध

69000 SHIKSHAK BHARTI को कोर्ट में फंसाए कम अंक पाने वाले बीएड धारी, इलाहाबाद व लखनऊ हाईकोर्ट ने अलग-अलग फैसले में परीक्षा के बाद लगाए गए पासिंग मार्क्स को ठहराया अवैध

परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने से खाली हुए 137000 पदों को प्रदेश सरकार दो चरण में भर्ती करने का निर्णय लिया पिछले वर्ष एक भर्ती सकुशल संपन्न हो गई दूसरे भर्ती में बीएड धारियों को शामिल करने से कम अंक पाने वाले बीएड धारी खुराफात शुरू कर दिए जिससे बीसीसी धारक व शिक्षामित्रों में रोष है
एक बैठक के दौरान अभ्यर्थी वीरेंद्र प्रताप सिंह अशोक मिश्रा वंदना धर द्वेदी सुख मिला पटेल सुनीता सीमा द्विवेदी पूनम चौधरी चंद्र भूषण चौधरी अशोक मौर्य रेनू दुबे देवी प्रसाद त्रिपाठी कविता चौधरी सभाजीत लालजीत आदि ने कहा है शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने से परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त हुए लगभग 137000 पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार दो अलग-अलग भर्ती निकाली प्रथम भाग की भर्ती पिछले वर्ष 40 45% पासिंग मार्क पर संपन्न हो गई दूसरे भर्ती में बीएड धारियों को शामिल किया गया और नियम में बदलाव ना होने के कारण शिक्षामित्र पूर्व भर्ती के तरह 40 45% पासिंग मार्क मानकर परीक्षा दिए और सफल हुए परीक्षा बाद बीएड धारियों ने दबाव देकर विभाग से पासिंग मार्क 60 65% करा लिया जिसको लेकर लोगों में रोज व्याप्त रहा और एक वर्ग के लोगों ने इसे न्यायालय में चुनौती दे दिया उच्च न्यायालय इलाहाबाद व लखनऊ

खंडपीठ अपने दिए अलग-अलग फैसलों में बाद में लगाए गए पासिंग मार्क को अवैध करार दिया और पूर्व परीक्षा के भात उसके द्वितीय भाग में भी 40 45% पासिंग मार्क रखने को कहा और 3 माह के अंदर नियुक्ति पूरी करने की बात कही बीटीसी व शिक्षामित्रों जैसे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के पूर्व कुछ भी पासिंग मार्क लगाया गया होता उसे लक्ष्य मानकर हासिल कर लिया जाता है लेकिन परीक्षा के बाद पासिंग मार्क बताना उसी तरह है जैसे बाल गिरने के बाद बाउंड्री बताया जाए की बाउंड्री यहां नहीं दूसरे जगह है अभ्यर्थियों ने न्यायालय के दोनों फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इस पर भर्ती लेना चाहिए बीएड धारी पहले इस चीज को जानते थे की पासिंग मार्क 40 45% ही है उसके अलावा वेटेज भी है जो पूर्व भर्ती में मिल चुका है इतना जोड़ने के बाद उन्होंने परीक्षा दिया है जो लोग लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए हैं आज वही भर्ती फंसाने का साजिश रच रहे हैं

69000 SHIKSHAK BHARTI को कोर्ट में फंसाए कम अंक पाने वाले बीएड धारी, इलाहाबाद व लखनऊ हाईकोर्ट ने अलग-अलग फैसले में परीक्षा के बाद लगाए गए पासिंग मार्क्स को ठहराया अवैध Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news