13 March 2019

गलत पद भेजने वालों को चिह्न्ति न कर सका बोर्ड

गलत पद भेजने वालों को चिह्न्ति न कर सका बोर्ड

लोकसभा चुनाव के ऐन मौके पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने शिक्षक भर्ती वर्ष 2016 के पद घटा दिए हैं। सात माह पहले गलत पद भेजने का खुलासा करने वाले चयन बोर्ड ने अब तक संबंधित अफसरों को चिन्हित नहीं किया है, जिनकी वजह से अभ्यर्थियों को बेवजह परेशान होना पड़ा। इससे चयन बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि यह एलान लिखित परीक्षा के पहले न करके आचार संहिता लागू होने के बाद क्यों हुआ है।

अशासकीय माध्यमिक कालेजों में प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक चयन यानी पीजीटी-टीजीटी वर्ष 2016 के मामले में चयन बोर्ड की कार्यशैली शुरू से विवादित रही है। बोर्ड का पुनर्गठन होने के बाद महीनों लिखित परीक्षा की तारीखों की घोषणा नहीं की गई, किसी तरह से तारीखें तय हुई तो इम्तिहान के चंद दिन पहले आठ विषयों के पद निरस्त करने का एलान 12 जुलाई 2018 को कर दिया गया। उस समय सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा था कि इस मामले की जांच कराएंगे कि आखिर जब ये विषय ही नहीं थे तो कैसे इन पदों का अधियाचन भेजा गया। इससे यह उम्मीद बंधी थी कि कार्रवाई दोनों पक्षों पर हो रही है लेकिन, चयन बोर्ड ने सिर्फ आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को बाहर किया।

यही नहीं सात माह बाद सोमवार को वेबसाइट पर आठ पदों के अलावा अन्य पद घटाने का भी ब्योरा दिया गया। इसमें लिखा है कि कई विषयों का अधियाचन डीआइओएस सत्यापित नहीं कर रहे हैं। अधियाचन भेजने वाले डीआइओएस के नाम भी चयन बोर्ड के पास हैं लेकिन, उनको बख्श दिया गया है।

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