गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत लीगल सेल ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसरों के भरोसे चल रहा है जिनका लॉ यानि विधि विषय से कोई वास्ता ही नहीं है, विधि विशेषज्ञ के बिना ही चल रहा है लीगल सेल

उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत लीगल सेल ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसरों के भरोसे चल रहा है जिनका लॉ यानि विधि विषय से कोई वास्ता ही नहीं है, विधि विशेषज्ञ के बिना ही चल रहा है लीगल सेल

प्रयागराज : उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत लीगल सेल ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसरों के भरोसे चल रहा है जिनका लॉ यानि विधि विषय से कोई वास्ता ही नहीं है। डिग्री कालेजों में शिक्षकों की नियुक्तियां व अन्य मामलों में यही सेल उच्च शिक्षा निदेशक को विधिक राय देता है। अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों के विनियमितीकरण व विज्ञापित पदों से चयनितों की नियुक्तियां विधिक अड़चनों में फंस गई हैं। मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इससे निदेशक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत लीगल सेल में बॉटनी, राजनीति विज्ञान और मध्यकालीन इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हैं। ये असिस्टेंट प्रोफेसर विभिन्न डिग्री कालेजों के हैं लेकिन, इन्हें लीगल सेल से संबद्ध किया गया है। अधिकांश मामलों में इसी लीगल सेल से विचार विमर्श के बाद कदम उठाया जाता है। इस बीच अशासकीय महाविद्यालयों में चाहे विज्ञापित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मामला हो या फिर मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के विनियमितीकरण का मामला। इससे मानदेय पर कार्यरत 609 शिक्षकों व विज्ञापन संख्या 46 के तहत चयनित तीन विषयों के करीब 300 अभ्यर्थियों की नियुक्ति अटक गई है। मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों की ओर से गंभीर सवाल उठे हैं कि जब निदेशालय के लीगल सेल में कोई विधि विशेषज्ञ ही नहीं तो इसमें कार्यरत लोगों से नियुक्तियों व अन्य मामले में राय किस आधार पर ली गई। विधिक अड़चनों पर राय लेने के लिए स्टैंडिंग काउंसिल हैं। लीगल सेल में विधि विशेषज्ञ की फिलहाल जरूरत भी नहीं है।

15 साल पढ़ाया, अब अयोग्य

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 15 साल से जो शिक्षक किसी तरह से शिक्षण की व्यवस्था को बिगड़ने से रोके हैं विनियमितीकरण के समय अब उनमें 127 को अयोग्य ठहरा दिया गया है। 736 में केवल 609 को ही विनियमित करने की सूची जारी की गई।

उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय में कार्यरत लीगल सेल ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसरों के भरोसे चल रहा है जिनका लॉ यानि विधि विषय से कोई वास्ता ही नहीं है, विधि विशेषज्ञ के बिना ही चल रहा है लीगल सेल Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news