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शनिवार, 14 जुलाई 2018

शासन की आंखों में धूल झोंक रहे शिक्षा अधिकारी

शासन की आंखों में धूल झोंक रहे शिक्षा अधिकारी

प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में पद भरने में जुटी हुई है। इस क्रम में राजकीय इंटर कालेज के प्रवक्ताओं व एलटी-ग्रेड के अध्यापकों की पदोन्नति सबार्डिनेट राजपत्रित अधिकारी पद किया जा रहा है ताकि हाईस्कूल स्तर के राजकीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर उनकी नियुक्ति की जा सके।1 वहीं दूसरी ओर डायरेक्टर स्तर के अधिकारी शासन की आंखों में धूल झोक कर ऐसे अध्यापकों को क्लास-टू के पदों पर तैनात कर रहे हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल पूरे प्रदेश में चल रहा है। सारनाथ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में भी गत दिनों समूह- ‘ग’ के एक प्रवक्ता को समूह- ‘ख’ के पद पर भेजा गया है। वहीं अर्दली बाजार स्थित सीटीई में भी गत दिनों तीन प्रवक्ताओं को समूह- ‘ख’ के पद पर भेजा गया था। जनपद में ही नहीं सूबे के अन्य जनपदों में इस तरह के प्रकरण सामने आ रहे हैं जबकि पीईएस रैंक के अधिकारी समूह ‘ख’ वर्ग में आते हैं। ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति बीएसए व राजकीय इंटर कालेज में प्रधानाचार्य पद, डायटों में वरिष्ठ प्रवक्ता की जानी चाहिए। पूर्वाचल के तमाम इंटर व हाईस्कूल स्तर के राजकीय विद्यालयों में पद रिक्त चल रहा है। नियमानुसार समूह ‘ग’ वर्ग के प्रवक्ताओं व एलटी ग्रेड के अध्यापकों को हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक का पद सौंपा जाना चाहिए। वहीं समूह ‘ख’ के क्लास-टू के अधिकारियों को राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य पद, डायटों में वरिष्ठ प्रवक्ता पद तैनाती होनी चाहिए। नियमानुसार तैनाती होने से राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यो व हेड मास्टरों की कमी दूर की जा सकती है। वरिष्ठ प्रवक्ताओं में इसे लेकर असंतोष व्याप्त है। उन्होंने इस खेल में बड़े पैमाने में पैसे का लेनदेन का भी आरोप लगाया है। हालांकि खुलकर आने के लिए तैयार नहीं हैं।जागरण संवाददाता, वाराणसी : प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में पद भरने में जुटी हुई है। इस क्रम में राजकीय इंटर कालेज के प्रवक्ताओं व एलटी-ग्रेड के अध्यापकों की पदोन्नति सबार्डिनेट राजपत्रित अधिकारी पद किया जा रहा है ताकि हाईस्कूल स्तर के राजकीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर उनकी नियुक्ति की जा सके।1 वहीं दूसरी ओर डायरेक्टर स्तर के अधिकारी शासन की आंखों में धूल झोक कर ऐसे अध्यापकों को क्लास-टू के पदों पर तैनात कर रहे हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल पूरे प्रदेश में चल रहा है। सारनाथ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में भी गत दिनों समूह- ‘ग’ के एक प्रवक्ता को समूह- ‘ख’ के पद पर भेजा गया है। वहीं अर्दली बाजार स्थित सीटीई में भी गत दिनों तीन प्रवक्ताओं को समूह- ‘ख’ के पद पर भेजा गया था। जनपद में ही नहीं सूबे के अन्य जनपदों में इस तरह के प्रकरण सामने आ रहे हैं जबकि पीईएस रैंक के अधिकारी समूह ‘ख’ वर्ग में आते हैं। ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति बीएसए व राजकीय इंटर कालेज में प्रधानाचार्य पद, डायटों में वरिष्ठ प्रवक्ता की जानी चाहिए। पूर्वाचल के तमाम इंटर व हाईस्कूल स्तर के राजकीय विद्यालयों में पद रिक्त चल रहा है। नियमानुसार समूह ‘ग’ वर्ग के प्रवक्ताओं व एलटी ग्रेड के अध्यापकों को हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक का पद सौंपा जाना चाहिए। वहीं समूह ‘ख’ के क्लास-टू के अधिकारियों को राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य पद, डायटों में वरिष्ठ प्रवक्ता पद तैनाती होनी चाहिए। नियमानुसार तैनाती होने से राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यो व हेड मास्टरों की कमी दूर की जा सकती है। वरिष्ठ प्रवक्ताओं में इसे लेकर असंतोष व्याप्त है। उन्होंने इस खेल में बड़े पैमाने में पैसे का लेनदेन का भी आरोप लगाया है। हालांकि खुलकर आने के लिए तैयार नहीं हैं।

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