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बुधवार, 13 जून 2018

नए पाठ्यक्रम सृजन में पुराने को आधार बनाएं : डा. सत्यपाल

नए पाठ्यक्रम सृजन में पुराने को आधार बनाएं : डा. सत्यपाल

केंद्रीय राज्यमंत्री से मिला छात्रनेताओं का दल 1जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. सत्यपाल सिंह से सर्किट हाउस में मुलाकात की। छात्र नेताओं ने उन्हें कैंपस में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी दी। साथ ही यूजीसी विशेषज्ञ कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की मांग की। रोस्टर नियमों को दरकिनार कर हुई शिक्षक भर्ती की समीक्षा का आग्रह किया गया, साथ ही जरूरी दस्तावेज भी सौंपे गए। राज्यमंत्री ने छात्रों को समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर छात्रसंघ भवन पर छात्रनेताओं का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। यहीं विश्वविद्यालय में तालाबंदी का निर्णय भी लिया गया। राज्य मंत्री से मिलने वाले छात्र नेताओं में इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव, ऋचा सिंह, रोहित मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, आदिल हमजा के अतिरिक्त आनंद सिंह निक्कू, अरविंद सरोज, अनुभव सिंह, हरिनाम सिंह, सुनील मौर्य इत्यादि थे।
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. सत्यपाल सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी के नए पाठ्यक्रम में पुराने को नकारना नहीं चाहिए। पुराने को आधार बनाकर नवीन पाठ्यक्रम की रचना करनी चाहिए। इससे पाठ्यक्रम की जमीनी मजबूती बनी रहेगी। यहां मंगलवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित शिक्षकों से विशेष संवाद कार्यक्रम में उन्होंने निदेशक, विभागाध्यक्ष, डीन, सीनियर प्रोफेसर और शोध छात्रों को संबोधित किया। 1उन्होंने कहा कि एआइसीटीइ (आल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजूकेशन) में चर्चित पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखकर अखिल भारतीय स्तर पर नई संरचना का खाका खींचना चाहिए। शोध की गुणवत्ता पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं में जो भी शोध हो रहे हैं वे राष्ट्रहित में होने चाहिए। शोध में नवीन तथ्यों का समावेश होना चाहिए, घिसे-पिटे पुराने विषयों पर रिसर्च नहीं होना चाहिए। भले ही तकनीक आसमान छू रही हो परन्तु हमें अपने जमीनी ज्ञान का अधिक प्रयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी किसानों की खेती की पुरानी तकनीक भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं। कृषि के लिए जो भी उन्नत तकनीक, उपकरण, बीजों का प्रयोग हो उसमें परंपरागत तकनीक का भी प्रयोग किया जाए। शोध छात्रों से उन्होंने राष्ट्रहित में अधिक से अधिक नवीन जानकारी जुटाने और देश को नई जानकारी प्रदान करने की बात कही। उन्होंने निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी और संस्थान के वरिष्ठ आचार्यो के साथ पौधरोपण कर हरित धरा की परिकल्पना को साकार करने का आह्वान दिया। संवाद में प्रो. गीतिका, प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल, प्रो. एमएम गोरे, प्रो. रमेश त्रिपाठी, प्रो. आरडी गुप्ता, प्रो. विजय भदौरिया, प्रो. आरपी तिवारी, प्रो. जीपी साहू, प्रो. निरोज बनर्जी और प्रो. एडी भट्ट आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. सत्यपाल सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी के नए पाठ्यक्रम में पुराने को नकारना नहीं चाहिए। पुराने को आधार बनाकर नवीन पाठ्यक्रम की रचना करनी चाहिए। इससे पाठ्यक्रम की जमीनी मजबूती बनी रहेगी। यहां मंगलवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित शिक्षकों से विशेष संवाद कार्यक्रम में उन्होंने निदेशक, विभागाध्यक्ष, डीन, सीनियर प्रोफेसर और शोध छात्रों को संबोधित किया। 1उन्होंने कहा कि एआइसीटीइ (आल इंडिया काउंसिल आफ टेक्निकल एजूकेशन) में चर्चित पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखकर अखिल भारतीय स्तर पर नई संरचना का खाका खींचना चाहिए। शोध की गुणवत्ता पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं में जो भी शोध हो रहे हैं वे राष्ट्रहित में होने चाहिए। शोध में नवीन तथ्यों का समावेश होना चाहिए, घिसे-पिटे पुराने विषयों पर रिसर्च नहीं होना चाहिए। भले ही तकनीक आसमान छू रही हो परन्तु हमें अपने जमीनी ज्ञान का अधिक प्रयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी किसानों की खेती की पुरानी तकनीक भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं। कृषि के लिए जो भी उन्नत तकनीक, उपकरण, बीजों का प्रयोग हो उसमें परंपरागत तकनीक का भी प्रयोग किया जाए। शोध छात्रों से उन्होंने राष्ट्रहित में अधिक से अधिक नवीन जानकारी जुटाने और देश को नई जानकारी प्रदान करने की बात कही। उन्होंने निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी और संस्थान के वरिष्ठ आचार्यो के साथ पौधरोपण कर हरित धरा की परिकल्पना को साकार करने का आह्वान दिया। संवाद में प्रो. गीतिका, प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल, प्रो. एमएम गोरे, प्रो. रमेश त्रिपाठी, प्रो. आरडी गुप्ता, प्रो. विजय भदौरिया, प्रो. आरपी तिवारी, प्रो. जीपी साहू, प्रो. निरोज बनर्जी और प्रो. एडी भट्ट आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।एमएनएनआइटी में शिक्षकों से सीधा संवाद करते केंद्रीय मंत्री डा. सत्यपाल सिंह।

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