शनिवार, 12 मई 2018

68500 शिक्षक भर्ती: शिक्षक भर्ती VS उर्दू विषय: कहीं 2019 में न चली जाए शिक्षक भर्ती

68500 शिक्षक भर्ती: शिक्षक भर्ती VS उर्दू विषय: कहीं 2019 में न चली जाए शिक्षक भर्ती

68500 शिक्षक भर्ती को कुछ भाई लोग उत्तर प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बता रहे कुछ लोग उसे इसे चुनावी मुद्दा बता रहे।लेकिन एक बात तो स्पष्ट् है उ प्र● सरकार ये भर्ती जान बूझ के 2019 तक ले जाना चाह रही.....
*कुछ तथ्यों पे ध्यान दिया जाये तो कुछ धुंधला सा सामने आता है जिसमे भर्ती का भर्ता बनाने में सरकार जिम्मेदार है।*
इस बात को दरकिनार नहीं किया जा सकता है सरकार लाखो टी ई टी पास अभ्यथियो का मजाक बना रही है।
*➡१-12460 शिक्षक भर्ती में बिना किसी पेच के टेट पास छात्रों का 1 वर्ष तक मानसिक शोषण किया जाता है।जबकि माननीय उच्च न्यायालय के दोनों बेंच से इस भर्ती को हरी झंडी मिल चुकी थी।*
(सरकार जब चुनावी सरजमी पे मुख्यमंत्री जी अपने गढ़ में और उपमुख्यमन्त्री जी अपने गढ़ में हारते है तो तुरंत मामले को संज्ञान में लेते है।) *सीधी बात सारी भर्ती राजनिति की भेंट चढ़ रही है।*
*➡२-टेट-2017 के परीक्षा में इतने ज्यादा विवादित प्रश्न आ जाते है मान लिया जाये वो गलती हो गयी लेकिन उस गलती को मानने के बजाय उस पे धूल झोंक जा रहा है और 68500 शिक्षक भर्ती को टालने का प्रयास हो रहा है और आरोप छात्रों पे लगा के न्यायालय पे लगा के मामले को खींचा जा रहा।*(सिंगल बेंच से आर्डर आने पे भर्ती को कराना चाहिए था तो उसे फ़साने सरकार ही डबल बेंच जाती है।कमेटी की रिपोर्ट में सबसे विवादित प्रश्न *हे पिता* में सम्बोधन चिन्ह वाले प्रश्न को न् मान के लगातार उस मामले को तूल देना *हिंदी बोली* प्रश्न पे लगातार मुह की खाने के बाद भी अपना ही राग अलापना।
*➡३-पिछले सात महीने से लगातार टेट पास कर के बैठे छात्रों की मानसिक हालत को एक बार देख ले तो वह अपने मानसिक हालत को कंट्रोल नहीं कर पा रहा*(ये सब सिर्फ राजनीतिकी तागजे की देंन् है।)
मुख्यमंत्री महोदय को चुनावी भाषण देने होते है तो तो वो बहुत अच्छे से बात घुमाते है *हमारी उत्तर प्रदेश सरकार ने 68500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और जल्द ही हम प्राथमिक विद्यालयों को 1 लाख प्राथमिक शिक्षक देंगे कब तक ये चुनावी भाषण ये जुमले लोगो को एक ठंडी छाव लगेगी जनाब अभी आपने 2 संसदीय क्षेत्र गवाया है अगर यही रवैया रहा तो लोकसभा की 72 सीट नहीं 7 सीट पे सिमट् जायेंगे।*
परीक्षा नियामक की गलती नहीं है तो फिर ये आये दिन आपको टेट में संसोधन क्यों करना पड़ रहा है आप के अधिकारी बोलते है कि शाशन से जो बोला गया वो क्र रहे है आपकी सरकार बोलती है युवाओं के प्रति हम प्रतिबद्ध है। *डी एल एड के संस्कृत के पेपर आउट ऑफ सिलेबस हो जाते है किस धुन में आप पेपर बनाते है लाखो युवाओं के भविष्य से खेल रहे है।*
68500 शिक्षक भर्ती आज मजाक बन के रह गयी है आप खुले मंच से ऐलान करते है कि हम परीक्षा कराएँगे और 2 दिन बाद उसकी *जिम्मेदारी लेने वाली संस्था कहती है कि हम असमर्थ है न्यायायलय के अधीन है ये.....परीक्षा आप करा रहे या हमारी न्यायपालिका* आज तक एक परीक्षा आप से अच्छे से नहीं हो पाया।
*➡३-जब आज तक आप ने उर्दू शिक्षकों की भर्ती की तो अचानक से उन्हें ऐसा क्या दिख गया कि आपने उसे उलझा के रख दिया* आप सब विषय शामिल करते है और कहते है उर्दू शामिल नहीं होगी ये आपकी किस नीति को दर्शाता है *ये आप की हठधर्मिता नहीं तो क्या परीक्षा कितनी लंबी खिंचे हम कोर्ट को गुमराह करेंगे* आप एक निष्पक्ष सरकार है एक संस्था का दायित्व ये नहीं की वो भेदभाव ले के चले *जब एक उर्दू पढ़ने वाला बच्चा 10वी में 12वी में यहाँ तक स्नातक में उर्दू पढ़ के आता है अगर आपको आवस्यकता नहीं थी तो उसका प्रवेश ही नहीं लेते बी टी सी में लेकिन आप वहा भी उसे संस्कृत के जगह उर्दू का विकल्प देते है और यही नहीं टेट में भी आप उसे वैकल्पिक विषय में उर्दू का विकल्प देते है तो जो बच्चा शुरू से आज तक संस्कृत का मुह तक नहीं देखा उसपे आप जबरदस्ती संस्कृत थोपे कहा का विचार है आपको संविधान का कौन सा भाग आपको यह आजदी देता है ।अगर आप शुरू से संस्कृत पढ़ने वाले बच्चो को उर्दू की परीक्षा के लिए बोले तो आपको जवाब मिलेगा।* किस तरह से 68500 शिक्षक भर्ती को आप लोगो ने उलझा के रख दिया है कि आये दिन ये न्यायालय के चौखट पे न्याय मांगने पहुच जाती है।
*आपकी ही गलत नीतियों की देन है कि टेट विवाद आज सर्वोच्च न्यायालय में और 68500 शिक्षक भर्ती आज उच्च न्यायालय में दर दर की ठोकर खा रही है और दोनों जगह बच्चे नहीं आप गलत है आपकी सरकार गलत है आपकी विचारधारा गलत है।*
*➡जुमला तो मोदी जी से मिलता जुलता है न् भर्ती करेंगे न् भर्ती होने देंगे हर भर्ती फॅसा देंगे कोर्ट में कभी तो आओ उत्तर प्रदेश में।*
थक गए है इस 68500 की राह देखते देखते कृपया कोर्ट कोर्ट बंद कर टेट पास को राहत दो गलती आप में है चाहे टेट परीक्षा को ले के चाहे उर्दू को ले के या कटऑफ ले के कृपया बन्द करे ये चुनावी खेल *नहीं तो 2019 के नतीजे आपके लिए पछतावा छोड़ के कुछ नहीं देंगे।*
*भर्ती तो लटक ही चुकी है 68500 पे सुप्रीम कोर्ट(टेट-2017 प्रकरण) और हाई कोर्ट(उर्दू प्रकरण)से तो भर्ती पे स्टे मिलना तय है 27 को परीक्षा तो होने से रही बस ये इल्तजा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को तो आप मान जॉए और इसे ज्यादा न् खींचे🙏🙏*

*💥🕯दीपक🕯💥*
*बी टी सी-2014 बैच

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