गुरुवार, 17 मई 2018

शिक्षा माफियाओं पर हत्या का शक: परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू की हत्या, 13 मई को 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर पहुंचाने रामपुर डायट निकले थे

शिक्षा माफियाओं पर हत्या का शक: परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू की हत्या, 13 मई को 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर पहुंचाने रामपुर डायट निकले थे

परीक्षा नियामक प्राधिकारी में कार्यरत बाबू रामचंद्र पटेल (57) की मंगलवार की रात हत्या कर दी गई। बुधवार की सुबह बाबू की लाश सेवइत रेलवे स्टेशन के पास नहर पुलिया पर मिली। 1धूमनगंज थाना क्षेत्र के प्रीतम नगर के रहने वाले रामचंद्र पटेल एलनगंज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में क्लर्क थे। 13 मई को वे विभाग के चार अन्य कर्मचारियों के साथ रामपुर गए। वहां से लखनऊ चले गए। मंगलवार की रात सभी लोग रात दो बजे इलाहाबाद पहुंचे। रामचंद्र लोकसेवा आयोग के पास कार से उतर गए। इसके बाद मोबाइल आफ हो गया। बुधवार सुबह रामचंद्र पटेल का शव सोरांव थाना क्षेत्र के सेवाइत में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में अंदरुनी चोट से मौत की बात आई है। रामचंद्र के बेटे सचिन पटेल ने हत्या की आशंका जताते हुए सोरांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सोरांव का कहना है कि रात में विभाग के जिन कर्मचारियों ने रामचंद्र को लोकसेवा आयोग के पास छोड़ा था, उसने पूछताछ हुई है। उनका कहना है कि वह घर तक छोड़ने को तैयार थे लेकिन रामचंद्र ने मना कर दिया था। बाबू के घरवालों का कहना है कि कई मामलों की जांच में शिक्षा माफिया फंस रहे थे, ऐसे में वही हत्या करा सकते हैं।
बेटा इंजीनियर, रिश्तेदार तहसीलदार : बाबू रामचंद्र पटेल का बड़ा बेटा विजय कुमार पटेल जिला पंचायत औरैया में इंजीनियर है। विजय के साढ़ू नीरज पटेल सीतापुर में तहसीलदार हैं। परिवार में कई अन्य अधिकारी हैं। रामचंद्र के तीन बेटे विजय, सुनील और सचिन हैं। पूरे परिवार ने शिक्षा माफिया पर हत्या का आरोप लगाया है।
उलझी है कहानी, रास्ते में क्यों उतरे रामचंद्र पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं उससे पुलिस भी परेशान हैं। रामचंद्र साथियों के साथ लौटे तो आधी रात वह रास्ते में क्यों उतर गए, यह बात पुलिस को परेशान कर रही है। फिलहाल पुलिस हर एंगल पर पूछताछ कर रही है। घरवाले इसे हत्या बता रहे हैं। बेटे का कहना है कि हत्या में शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जांच आगे बढ़ेगी।
13 मई को डायट रामपुर के लिए निकले
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात रामचंद्र पटेल 13 मई को डायट रामपुर में शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र देने के लिए कार्यालय से निकले थे। इस बारे में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह ने बताया कि डायट में प्रश्नपत्र देने के बाद वह लखनऊ सूचना आयोग कार्यालय में गए। वहां पर दो मामलों में पेशी थी जिसमें एक में सुनवाई हुई और दूसरी की डेट लग गई। इसके बाद रामचंद्र ने फोन पर कार्यालय में सभी बातों की जानकारी दी और शाम तक लौटने की बात कही थी। वहीं रामचंद्र के साथी यूपी एजूकेशनल मिनिस्टिरियल आफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव एसएन आब्दी ने बताया कि लखनऊ में 15 मई को एसोसिएशन की तरफ से प्रांतीय धरने का आयोजन बेसिक कार्यालय पर पूर्व निर्धारित था। दोपहर में रामचंद्र वहां धरने में शामिल होने पहुंचे।

शिक्षा माफियाओं पर हत्या का शक: परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू की हत्या, 13 मई को 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर पहुंचाने रामपुर डायट निकले थे Rating: 4.5 Diposkan Oleh: news